पाकिस्तान के कराची शहर में इस्लाईली शीया समुदाय की बस पर हमले की जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इसमें आईएसआईएल का हाथ हो सकता है।
गत बृहस्पतिवार को होने वाले इस हमले में 17 महिलाओं सहित 45 लोग मारे गए थे, और हमलावरों ने फ़रार होने से पहले घटना स्थल पर आईएसआईएल का एक पम्फ़लेट भी छोड़ा था। घटना की जांच करने वाली टीम के प्रमुख और आतंकवाद निरोधक विभाग के अधिकारी राजा उमर ने कहा कि सफ़ूरा घटना के पीछे संभावित रूप से आईएसआईएल का हाथ हो सकता है। पिछले कई साल से कराची में होने वाले अनेक आतंकी हमलों की जांच करने वाली अधिकारी का यह भी कहना है कि शहर में होने वाले दूसरे आतंकी हमलों में भी यही आतंकी संगठन लिप्त हो सकता है जिसमें पुलिस अधिकारियों, बोहरा शीया समुदाय के लोगों तथा अमरीकी मूल के प्रोफ़ेसर को निशाना बनाया गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि कराची में आईएसआईएल के आतंकी शिक्षित लोग हैं और यह बाहर से नहीं आए हैं बल्कि स्थानीय आतंकी संगठनों के लोग हैं जो आईएसआईएल के विचारों से प्रभावित हैं।
उन्होंने कहा कि आतंकियों लक्ष्य क़ानून लागू करने वाली संस्थाओं के हौसले पस्त करना और आतंकवाद के विरुद्ध जारी आप्रेशन को कमज़ोर करना है।